पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी RSS के कार्यक्रम में शामिल होने नागपुर जाने वाले हैं। प्रणब मुखर्जी को संघ की तरफ से आमंत्रित किया गया है। संघ के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति का जाना कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। कांग्रेस के कई नेता इस मामले में प्रणब मुखर्जी से अलग राय रखते हैं और वह उनके संघ के कार्यक्रम में जाने को गलत बता रहे हैं। इस बात को लेकर एक लंबी बहस छिड़ गई है। संघ के इस कार्यक्रम में अलग-अलग विचारधारा के लोगों ने पहले भी शिरकत की है। ऐसे में समझ यह नहीं आता है कि कांग्रेस इस मामले को लेकर इतना परेशान क्यों है। Read More….

मामला इतना बढ़ गया है कि कांग्रेस के कई नेताओं ने तो अपने दिग्‍गज नेता से फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह तक कर डाला। ‘सेक्‍युलर’ विचारधारा के कुछ लोगों ने यह तक कहा कि प्रणब मुखर्जी की इस यात्रा से RSS के विचारों की एक तरह से ‘स्‍वीकार्यता’ बढ़ेगी। लेकिन अन्य कांग्रेसी नेताओ ने यह समझने की कोशिश नहीं की, कि प्रणब मुखर्जी अब किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। और वो देश हित में कही भी आने जाने के लिए बाध्य नहीं है |

Former president-pranab-mukherjee

लगभग सभी कांग्रेस नेता, प्रणब मुखर्जी का आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का विरोध कर रहे हैं। इसी सिलसिले में असम के कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा ने वर्त्तमान राष्ट्रपति को लेटर भी लिखा है। इस लेटर में उन्होंने प्रणब को आरएसएस के कार्यक्रम में ना जाने की तीन वजह बताई हैं। रिपुने ने पत्र में यह भी लिखा है कि प्रणब अपने RSS के कार्यक्रम में जाने से पहले एक बार फिर सोचें। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उस संस्था के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं जिस संस्था ने आज तक राष्ट्रीय झंडे तक का आदर नहीं किया। Read More…

कांग्रेसी नेता शायद यह भूल चुके हैं कि प्रणब मुखर्जी अब किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं है। वह देश के पूर्व राष्ट्रपति रहे हैं ऐसे में यह उनका निजी फैसला होगा कि वह किस कार्यक्रम में जाएं और किस कार्यक्रम में ना जाएं। लेकिन कांग्रेस अभी भी प्रणब मुखर्जी पर उसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश में लगी हुई है जैसे मानो वह आज भी कांग्रेस पार्टी के नेता के तौर पर काम करते हों।

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वहीं कांग्रेस के पूर्व नेता शहजाद पूना वाला ने कांग्रेस के नेताओं से ट्वीट कर सवाल पूछा है, जिसका जवाब पार्टी के नेताओं को देना चाहिए। शहजाद पूना वाला ने अपने ट्वीट में लिखा है कि कांग्रेसी होने के नाते एक चीज़ अजीब लगी : जितना विरोध कुछ नेता Pranav da के RSS हेड क्वार्टर पर जाने पर कर रहे हैं उतना विरोध उन्होंने Mani Aiyar के देश विरोधी पाकिस्तान जाने का नहीं किया न Hurriyat और अलगाववादियों से मिलने का किया!! ऐसा क्यूँ?

शहजाद के इस सवाल पर लोगों ने सोशल मीडिया पर लोगो ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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