Objectification in South Cinema

‘बिग बॉस – 11’ में क्या झगड़ा चल रहा है, ये जानकर किसी का कुछ नहीं बदलेगा, लेकिन एक इश्यू है जो अभी चर्चा में है और ये सोचने लायक है. शो में एक प्रतियोगी और एक्ट्रेस हिना ख़ान ने कहा है, वे साउथ इंडियन प्रोड्यसूर लोग यही चाहते हैं कि उनकी हीरोइन्स वजन बढ़ाएं और अपने उभरे और फूले हुए शरीर को दिखाएं. यहां तक कि मुझे भी दो बड़े प्रोडक्शन हाउस ने फिल्में ऑफर की थीं जिन्हें मैंने ठुकरा दिया क्योंकि उन्होंने मुझे भी बोला था वजन बढ़ाने के लिए(South Cinema).

Hansika Motwani & Hina Khan
Source : South Cinema

देखा जाये तो हिना की बात बिलकुल सही है.

बॉलीवुड में भी अभिनेत्रियों का objectification यानि की किसी को नीचा दिखाना होता है. लेकिन साउथ की इंडस्ट्री और वहां की फिल्में तो भरपूर हीरो के लिए बनायीं जाती है. वहां की हीरोइन्स भरे बदन की मांसल हों, गोरे रंग की हों, होठ फूले हुए लाल हों और नाक पतली हो तो ज्यादातर का करियर चलता है.

Hansika Motwani & Hina Khan
Source : South Cinema

हिना की बात के विरोध में साउथ की इंडस्ट्री को डिफेंड करने उतरी हंसिका मोटवानी, वही जिन्हें हमने 2003 में ऋतिक के साथ ‘कोई मिल गया’ में बच्ची के तौर पर देखा था,बड़ी होने के बाद वे साउथ में चली गईं और वहां उन्होंने आज तक जितनी भी फिल्में कीं,उनमें तकरीबन सभी में वे सजावट की वस्तु से ज्यादा कुछ नहीं रही हैं.ये बात और भी दुखद है कि उन्हें खुद की इस हकीकत का कोई अंदाजा नहीं है. हिना की बात पर उनका जवाब कुछ ऐसा था,

Hansika Motwani
Source : South Cinema

“वो साउथ की इंडस्ट्री को ऐसे कैसे नीचा दिखा सकती है? क्या उसको पता नहीं है कि कई बॉलीवुड एक्टर्स ने भी यहां काम किया है और काम कर रहे हैं! हमें नीचा दिखाने के लिए तुम्हे शर्म आनी चाहिए हिना ख़ान. साउथ की इंडस्ट्री की एक्ट्रेस होने के नाते मैं कहना चाहूंगी कि मैं इस पर गर्व करती हूं और वो जो भी कह रही है वो सिर्फ बकवास है.” 

Hansika Motwani
Source : South Cinema

हंसिका के अलावा साउथ की दो-तीन अन्य महिलाओं (खुशबू, श्रीदेवी श्रीधर, काजल अग्रवाल) ने भी साउथ की ऑडिशन फिल्म इंडस्ट्री की वकालत की है,लेकिन हमें इन आवाजों पर ध्यान देने के बजाय खुद टटोलना चाहिए कि आखिर तमिल, तेलुगू और अन्य दक्षिण भाषा की फिल्मों में औरतों का किरदार कैसा रखा जाता है? खासकर वहां की एक्ट्रेसेज़ को जो रोल मिलते हैं वो कैसे होते हैं?

Hansika Motwani
Source : South Cinema

इन्हें देखें तो आप खुद जान जायेंगे कि वहां हीरोइन हमेशा हीरो के पीछे ही खड़ी होती है, या उसकी आर्म कैंडी होती है. या आइटम सॉन्ग करके मर्दों को संतुष्ट करती है,यहां तक कि जो फीमेल कैरेक्टर्स विदेश से ऊंची पढ़ाई करके आई होती हैं और जो पॉलिटिक्स, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में काफी कुछ कर सकती हैं,उन्हें भी हीरो ‘लाइन’ पर ले आता है और अंततः उन्हें पारंपरिक हाउसवाइफ बनाकर ही छोड़ता है.उसके बाद ही दर्शक थियेटर से संतुष्ट निकलते हैं.

Hansika Motwani
Source : South Cinema

1995 में आई तेलुगू फिल्म ‘अलूडा माजका’ देखें जिसमें राम्या कृष्णन और रंभा के मॉडर्न किरदारों के साथ गांव का गंवार सीताराम (चिरंजीवी) अनाड़ी हरकतें करता और फिल्म में उनके ट्रेडिशनल न होने के लिए उनकी बेइज्जतियां की जाती हैं, साउथ की फिल्मों के इतिहास की ये सबसे ज्यादा अभद्र फिल्म थी. हंसिका और गलतफहमी में जी रही अन्य हीरोइन को सिर्फ नीचे दिया ये एक सीन ही देख लेना चाहिए.

Hansika Motwani
Source : South Cinema

वे कहती हैं कि साउथ की इंडस्ट्री को हिना ने अपने बयान से नीचा दिखाया है, इस फिल्म ने दो महिला किरदारों को इतना नीचा दिखाया है जो घृणित है,और देखिए कि इस फिल्म पर जब सेंसर बोर्ड दो महीने का बैन लगा रहा था तब चिरंजीवी के पुरुष फैन्स ने हंगामा कर दिया था और इसे देखते हुए कुछ सीन काटकर फिल्म को रिलीज करना पड़ा था. हालांकि बाद में भी ये फिल्म घटिया ही रही.

 

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