आप जानते ही है की भारत 48 सदस्यीय NSG के विशिष्ट परमाणु समूह के सूची में स्थान पाना चाहता है, पर चीन लगातार भारत के सदस्य्ता के राह में रोड़े अटकाता रहता है.

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Prime Minister Narendra Modi

अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा की भारत NSG का सदस्य बनने हेतु पूरी तरह से योग्य है.
साथ ही साथी ये भी बताया की भारत अब तक केवल चीन के वीटो के कारन ही यह सदस्यता हासिल नहीं कर पाया है. अमेरिका इस सूची में भारत के साथ खड़ा है और वो हर तरह से भारत के पक्ष पे है. चीन लगातार भारत की रह में रोड़े अटकता रहा हजबकी भारत सभी मापदंडो को पूरा करता है और पूर्ण रूप से योग्य है. आपको बता दे की ये समूह (NSG) परमाणु व्यापर को नियंत्रित करता है.

NSG
Nuclear Supplier Group

वही आपको बता दे की भारत को इस समूह में पहले से शामिल कई पश्चिमी देशो और अमेरिका का समर्थन मिल रहा है. किन्तु चीन के अनुसार नए सदस्य को परमाणु अप्रसार संधि NPT पर सिग्नेचर करने चाहिए यह कहकर अपनी बात पे अड़ा हुआ जिससे भारत के प्रवेश माने आ रही है. आपको बता दे की भारत ने अभी तक NPT पर हस्ताक्षर नहीं किये है लेकिन इस समूह में किसी भी देश को शामिल करने के लिए आपसी सहमति जरुरी है.

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America and China

एलिस वेल्स जो की मध्य एशिया और दक्षिण के लिए उप विदेश मंत्री है उन्होंने कहा परमाणु आपूर्तिकरता समूह सिर्फ आम सहमति पर आधारित है, और सिर्फ चीन के विरोध के कारन ही भारत इसके सदस्यों की सूची में नहीं आ पाया है.

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Trump and xi jiping

उन्होंने ये भी कहा की अमेरिका ने भारत को कूटनीतिक व्यापर प्राधिकार का दर्जा देकर भारत को अमेरिका ने निकटम सहयोगी के सूची में रखा है. विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की भारत और अमेरिका के परमाणु समझौते की प्रक्रिया को 10 साल होने को है और अब बहुत जल्दी ही पूरा होने के अवसर है. इस समझौते के अंतर्गत अमेरिकी कंपनियों में कोई भी एक कंपनी भारत को स्वच्छ ईंधन भारत को मुहैया करेगी.

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